देखता हूँ मैं राह, उस तरक्क़ी की
देश में जब डॉक्टर और इंजीनियर महान होंगे
बेच कर जमीन खेती की अपनी
डिग्री हासिल करते बेरोजगार मेहमान होंगे
नहीं होंगे तो बस एक गरीब किसान
दुबई में सारे मजदूर इंसान होंगे
होंगे व्यापारी और वकील बामुला
पैसे में ही जिनके हर भगवान होंगे
और लोगो के दर्द का तमाशा बनाते हुए
मिडिया के सोये हुए कुछ इंसान होगे
लूट कर फिर चन्दा बाटने वाले
देश के हमारे नेता महान होंगे
तरक्क़ी की बात करेगा हर वक्ता यहाँ
जब आलीसान घर में उजड़े हुए इंसान होंगे
और रह जायेगा बस एक डिजिटल इंडिया
जिसपे टूटते किसानो के आखिरी निशान होंगे
देखता हूँ मैं राह, उस तरक्क़ी की
देश में जब ...............................................
देश में जब डॉक्टर और इंजीनियर महान होंगे
बेच कर जमीन खेती की अपनी
डिग्री हासिल करते बेरोजगार मेहमान होंगे
नहीं होंगे तो बस एक गरीब किसान
दुबई में सारे मजदूर इंसान होंगे
होंगे व्यापारी और वकील बामुला
पैसे में ही जिनके हर भगवान होंगे
और लोगो के दर्द का तमाशा बनाते हुए
मिडिया के सोये हुए कुछ इंसान होगे
लूट कर फिर चन्दा बाटने वाले
देश के हमारे नेता महान होंगे
तरक्क़ी की बात करेगा हर वक्ता यहाँ
जब आलीसान घर में उजड़े हुए इंसान होंगे
और रह जायेगा बस एक डिजिटल इंडिया
जिसपे टूटते किसानो के आखिरी निशान होंगे
देखता हूँ मैं राह, उस तरक्क़ी की
देश में जब ...............................................
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