कुछ धागे तोड़े हमने ऐसे
जो दर्द बड़ा अब देते है
कई कोशिशे की जोड़ने की
हर कोशिश रुला देते है
ना जुड़ते है ना जुदा होते है
बस दर्द सदा देते है
साँसों में अश्क़ घुलते
हर साँस दगा देते है
घुटती है धड़कने पल पल
हर पल ये गवाह देते है
खोते से खवाब सारे
अश्क़ सजा देते है
रहगुजर कसर बाकी सारी
कफ़न साँसे दबा देती है
जाये भी तो किस ओर हम
हर ओर दगा देती है
तोड़े थे कुछ धागे हमने
जो दर्द बया अब देते है .....
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